Posted By:- Dushyant dixit orai
Posted On:- 09-Mar-2026

जालौन के चमारी से उठी ज्ञान की नई चिंगारी: दिग्गजों ने कहा- पुस्तकालय बनेगा बुंदेलखंड में IAS-IPS की नर्सरी, महिला दिवस पर 50 बेटियों को लिया गया गोद

जनपद जालौन के ग्राम चमारी में मशहूर पत्रकार सौरभ द्विवेदी के द्वारा स्थापित 'माता प्रसाद स्मृति पुस्तकालय' का उद्घाटन समारोह महज एक ईमारत का लोकार्पण नहीं, बल्कि बुंदेलखंड में शिक्षा, ज्ञान और सामाजिक चेतना के एक नए आंदोलन का शंखनाद साबित हुआ। देश की नामचीन हस्तियों ने एक सुर में इस पहल को समाज के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बताया।

बाल श्रम खत्म हो, ज्ञान की चिंगारी फैले:

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एवं नोबेल शांति पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी ने अपने प्रभावशाली उद्बोधन में कहा कि यह पुस्तकालय केवल एक भवन नहीं, बल्कि ज्ञान की एक ऐसी चिंगारी है जो पूरे बुंदेलखंड ही नहीं, बल्कि देश-दुनिया में फैलेगी। उन्होंने बाल श्रम को समाज की सबसे बड़ी बुराई बताते हुए स्पष्ट किया कि जब तक एक भी बच्चा मजदूरी करने को मजबूर है, तब तक देश का विकास अधूरा है। सत्यार्थी ने कहा कि यदि बुंदेलखंड में ऐसे 100 पुस्तकालय बनते हैं, तो यह एक बड़े आंदोलन का रूप ले लेगा।

गांवों से निकलेंगे IAS और IPS:

विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद उत्तर प्रदेश के उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि शहरों के बाद अब गांवों में भी पुस्तकालयों की स्थापना होनी चाहिए। उन्होंने दावा किया कि ऐसे पुस्तकालयों की मदद से अब ग्रामीण क्षेत्रों के युवा भी आईएएस (IAS) और आईपीएस (IPS) जैसी कठिन प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगे।

पुस्तकालय है सांस्कृतिक वापसी:

देश के प्रख्यात शिक्षाविद डॉ. विकास दिव्यकीर्ति ने कहा कि वह विशेष रूप से इस पुस्तकालय का 'मॉडल' देखने आए हैं। उन्होंने ग्रामीण क्षेत्रों में पुस्तकालय जैसे संसाधनों को मजबूत करने की महती आवश्यकता पर बल दिया। वहीं, मशहूर कवि डॉ. कुमार विश्वास ने कहा कि आज का युवा अपनी सांस्कृतिक और आध्यात्मिक जड़ों की ओर लौट रहा है। पुस्तकें कल्पना और चेतना की जो दुनिया बनाती हैं, वो डिजिटल माध्यम कभी नहीं कर सकता।

महिला दिवस पर सशक्तिकरण की मिसाल:

8 मार्च यानी अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर इस कार्यक्रम में 50 लड़कियों को अपनाने (गोद लेने) की एक ऐतिहासिक पहल की गई। मशहूर बॉलीवुड अभिनेत्री सोनाली बेंद्रे ने इस कदम की जमकर सराहना करते हुए इसे महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक बेहद महत्वपूर्ण मील का पत्थर बताया। उन्होंने कहा कि स्कूल बनने में समय लगता है, लेकिन पुस्तकालय तुरंत ज्ञान के द्वार खोल देते हैं।

संवाद की भावना और गर्व का क्षण:

राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश नारायण सिंह ने कहा कि भारत का संविधान संवाद से बना है और एक युवा पत्रकार द्वारा गांव में ऐसा संवाद केंद्र (पुस्तकालय) स्थापित करना प्रेरणादायक है। युवाओं के चहेते स्टैंड-अप कॉमेडियन जाकिर खान ने अपनी खुशी जाहिर करते हुए कहा कि आमतौर पर उन्हें रेस्टोरेंट या मनोरंजन के कार्यक्रमों में बुलाया जाता है, लेकिन एक पुस्तकालय के उद्घाटन का निमंत्रण मिलना उनके लिए बेहद गर्व की बात है।

​इस पूरे ऐतिहासिक और भव्य कार्यक्रम का सफल आयोजन मशहूर पत्रकार सौरभ द्विवेदी और इन्फो पार्क के डायरेक्टर अभय द्विवेदी द्वारा किया गया। इस अवसर पर आशीष पटेल, प्रशांत सिंह, प्रतीक सिंह और अवनीश सागा सहित कई जनप्रतिनिधि और हजारों की संख्या में ग्रामीण व युवा भारी उत्साह के साथ मौजूद रहे।